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वह हद से ज्यादा मेरा ध्यान रखती है

वह हद से ज्यादा मेरा ध्यान रखती है शायद ही कोई किसी का रखता होगा


तुम्हारी तीखी बातें मेरे मन को और दिल को सजा देती हैं धीरे-धीरे मुझे यकीन होता जा रहा है तुम्हारे आदत में परिवर्तन होने वाला नहीं है

तुम्हें नहीं बदल सकते मगर खुद को बदल सकते हैं तुमसे दूर होने का गम तो होगा मगर जिंदगी में किसी और के आने की खुशी भी होगी

मेरा मन खुद को ठगा सा महसूस करता है जब तुम प्यार देने के बजाय मुझे सताती हो

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जो पहले पता होता

जो पहले पता होता तुम्हारे वास्ते ऐसा हश्र होगा मेरे नसीब का दिल लगाने की कभी कोशिश नहीं करता आजकल तुम्हारी बातों में तुम्हारे इरादे साफ छलकते हैं ऐसा महसूस होता है मुझे बर्बाद करने की कोई साजिश रच रही हो उसके रूठ जाने का जिम्मेदार मैं हूं उसके जिद पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत थी और बेवजह लड़ाई कर बैठा  मेरे दिल की ख्वाहिश है तुम्हारे प्यार के समंदर में डूब जाने की इंतजार है कोई इशारा मिले