वह हद से ज्यादा मेरा ध्यान रखती है शायद ही कोई किसी का रखता होगा
तुम्हारी तीखी बातें मेरे मन को और दिल को सजा देती हैं धीरे-धीरे मुझे यकीन होता जा रहा है तुम्हारे आदत में परिवर्तन होने वाला नहीं है
तुम्हें नहीं बदल सकते मगर खुद को बदल सकते हैं तुमसे दूर होने का गम तो होगा मगर जिंदगी में किसी और के आने की खुशी भी होगी
मेरा मन खुद को ठगा सा महसूस करता है जब तुम प्यार देने के बजाय मुझे सताती हो
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